इंदौर: मां-बाप की कातिल नाबालिग बेटी, प्रेमी अंदर कर रहा था मर्डर, बाहर कुत्ता घुमा रही थी लड़की
इंदौर: शहर के एरोदृम थाना क्षेत्र में हुए सनसनीखेज डबल मर्डर केस में पुलिस ने आरोपी नाबालिग बेटी और उसके प्रेमी धनंजय यादव को रतलाम से गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी नाबालिग बेटी 17 साल की है जो 11वीं में पढ़ती है। पुलिस के मुताबिक रुक्मणी नगर में रहने वाले एसएएफ में ड्राइवर ज्योति प्रसाद शर्मा और उनकी पत्नी नीलम की हत्या के लिए धनंजय ने धारदार हथियार का इस्तेमाल किया था।
पुलिस ने बताया कि सुबह जब हत्या की जा रही थी, उस वक्त आरोपी बेटी बाहर कुत्ता घुमा रही थी। इस दौरान जब घर से आवाज आई तो दादा-दादी और पड़ोसी जागे। उनके पूछने पर बेटी ने बोला कि पापा नशे में मम्मी से लड़ रहे हैं। यह सुनकर सब चले गए। सुबह 8 बजे दादा-दादी के घर सो रहे बेटे ने खिड़की से देखा तो उसे खून से सनी लाशें दिखाई दीं।
पुलिस के मुताबिक धनंजय यादव उर्फ डीजे गांधीनगर निवासी पूर्व उप सरपंच नैनसिंह का बेटा है। दो महीने पहले ज्योति ने कॉलोनी में रहने वाले वैभव के यहां पर धनंजय को पकड़ लिया था। बुधवार को भी चचेरी बहन ने उससे बात करते पकड़ा। इस बात पर ज्योति ने बेटी को डांटा और कहा आइंदा बात मत करना। माना जा रहा है कि, इसी के बाद हत्या की साजिश रची गई। घर में सीसीटीवी लगे हुए हैं, जिन्हें बंद कर दिया गया था। मर्डर के बाद से बेटी का मोबाइल भी बंद था।
जांच के दौरान पुलिस की मुश्किल तब और बढ़ गई थी, जब मृतक की बेटी का लिखा पत्र मिला था। आरोपी ने पत्र में लिखा था कि उसके पिता उसका शोषण करते थे और मां उनका साथ देती थीं। इस वजह से परेशान होकर वह घर छोड़कर जा रही है और उसे ढूंढने का प्रयास नहीं किया जाए। बस यहीं से पुलिस के शक की सुई बेटी पर घूम गई। पुलिस को आशंका थी कि जांच की दिशा भटकाने के लिए बेटी ने यह पत्र जान बूझकर घर में छोड़ा।
परिजनों से पूछताछ करने पर सामने आया था कि उसका किसी धनजंय के साथ लव अफेयर है। कातिल धनंजय नाबालिग प्रेमिका की मदद से ज्योतिप्रसाद शर्मा और नीलम की लाश फेंकना चाहता था। ज्योति के हाथ बांध दिए गए थे और नीलम के शव को चादर में लपेट लिया था, लेकिन रहवासियों के उठ जाने के कारण उन्हें लाश छोड़कर भागना पड़ा।

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