किसान आंदोलन की आड़ में खालितानी मूवमेंट, सोशल मीडिया पर फैलाया जा रहा झूठ

 



नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली की सीमाओं पर चल रहे किसान आंदोलन पर खुफिया एजेंसी अबरिकी से नजर बनाई हुई है। किसानों के बीच घूम रहे ख़ुफ़िया एजेंसियों के एजेंट हर छोटी-छोटी हरकतों पर गौर कर रहे हैं। एजेंसियों का मानना है कि इस आंदोलन की आड़ में खालिस्तानी विचारधारा के समर्थक सोशल मीडिया पर कहीं न कहीं अपनी विचारधारा का प्रचार तेजी से कर रहे हैं।

दरअसल, महाराष्ट्र साइबर सेल ने पाया कि रेडिकल विचारधारा के लोग पिछले कई दिनों से खालिस्तान और आतंकी जनरैल सिंह भिंडरावाले से जुड़ी पोस्ट सोशल मीडिया पर ट्रेंड कराने की कोशिश कर रहे हैं। साइबर सेल की मानें तो पिछले 16 दिनों से उन्होंने 12,800 पोस्ट ऐसे पाए हैं जिनमें खालिस्तान का ज़िक्र है, जबकि 6,321 पोस्ट ऐसे हैं जिनमे आतंकी जनरैल सिंग भिंडरावाले का ज़िक्र किया गया है।.

ब्रिटेन, अमेरिका, कनाडा और भारत से चलाए जा रहे ज्यादातर एकाउंट्स की जांच में पता चला है कि, जिन एकाउंट्स से ये पोस्ट किए जा रहे हैं, उनमे से कई एकाउंट्स नवंबर या दिसंबर में बनाए गए है। कुछ एकाउंट्स ऐसे भी जिनका इस्तेमाल कई सालों से नहीं किया गया , लेकिन किसान आंदोलन के बीच अचानक एक्टिव हो गए है।

महाराष्ट्र पुलिस दल के एक बड़े अधिकारी ने बताया ये पोस्ट जिन सोशल मीडिया अकाउंट्स का इस्तेमाल कर किए जा रहे हैं, उनमें से ज्यादातर अकाउंट्स ब्रिटेन, अमेरिका, कनाडा और भारत से चलाए जा रहे है। पुलिस के मुताबिक उन्हें ये पता चला है कि इन पोस्ट के माध्यम से झूठ को फैलाया जा रहा है और खालिस्तानी विचारधारा का प्रचार प्रसार भारतीय सायबर स्पेस में फैलाने की कोशिश की जा रही है।

पुलिस ने इन अकाउंट्स का विश्लेषण किया, जिसमें में ये भी पता चला है कि इनके पीछे काम कर रहे लोग साइबर एक्सपर्ट हैं और बोट का इस्तेमाल कर रहे हैं। इतना ही नहीं ऐसे लोग अपनी पहचान छुपाने के लिए अलग-अलग देशों के आईपी एड्रेस का इस्तेमाल कर रहे हैं।

 




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