ये कैसा लालच! पशुओं को बीयर का अपशिष्ठ खिला रहे पशु पालक

 



इंदौर: पशु-पालक दूध की मात्रा बढ़ाने के लिए तरह-तरह के हथकंडे अपनाते हैं। कभी दूश में पानी मिलाकर बेचते हैं, कभी पशुओं को इंजेक्शन लगाते हैं, तो कभी यूरिया और डिटर्जेंट तक मिलाने से नहीं चूकते। दूश की मात्रा बढ़ाने के लालच में ये लोग किसी की सेहत का भी ध्यान नहीं रखते। अब तो पशु पलक इंसानों और पशुओं की जान के साथ खिलवाड़ करने लगे है।

दरअसल, दूध की मात्रा बढ़ाने के लालच में पशु-पालकों ने गाय और भैंसों को बीयर का मलबा यानी राप (बीयर बनाने की प्रक्रिया के बाद बचा अपशिष्ट) खिलाना शुरू कर दिया है। इसके बाद गाय और भैंस 3 से 4 लीटर यानी दोगुना से अधिक दूध देने लगी है। क्षेत्र के कई किसान अब इस राप का उपयोग कर रहे हैं, किंतु पशुओं को राप खिलाना हानिकारक हो सकता है या नहीं, इस पर अभी कोई शोध नहीं हुआ है।

जो बीयर जौ से बनाई जाती है। उसमें से करीब 30 फीसद मलबा बच जाता है, जिसका ज्यादातर हिस्सा पानी के रूप में होता है। इस पानी को किसी भी चारे में मिलाकर गाय और भैंसों को खिला दिया जाता है। पशु चिकित्सक डॉ. प्रियंका बघेल ने बताया कि पशुओं को बीयर की राप खिलाने को लेकर कोई भी अधिकारी जानकारी नहीं है। जनचर्चा में मालूम हुआ है कि राप के खिलाने से पशु का शरीर दुबला हो जाता है। हालांकि इसकी कोई पुष्टि नहीं हुई है।



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