भारतीय सेना का नया प्लान, चीनी सैनिकों ने की चालाकी, तो...



लद्दाख: चीन के साथ पिछले कई महीनों से चल रहे तनाव के बीच भारतीय सेना चीनी सैनिकों से हर स्थिति में निपटने के लिए तैयार हैं। भीषण ठंड में भी भारतीय जाबाज़ चट्टान की तरह LAC पर डटे हुए हैं, वहीं चीनी सैनिक मौसम की मार नहीं झेल पा रहे हैं, जिसके कारण चीन को रोज अपने सैनिक बदलना पड़ रहे हैं। इसी बीच पेंगांग झील में चीनी सैनिकों की हर हरकत का जवाब देने के लिए भारतीय सेना ने नया प्लान बनाया है।

पेंगांग झील में अब भारतीय सेना के पास नई नावें होंगी। इन नावों को न केवल ज्यादा बड़ा और तेज रफ्तार बनाया जा रहा है बल्कि इन्हें खास तौर पर इस तरह तैयार किया जा रहा है कि ये चीनी नावों की धक्का-मुक्की का मुकाबला कर सकें। इसके लिए इन्हें खास स्टील की प्लेट्स से मजबूत बनाया जा रहा है। इनमें अब ज्यादा सैनिक बैठ पाएंगे और बेहतर निगरानी-संचार के उपकरण होंगे।  

इन नावों में सैनिक ज्यादा सुरक्षित रहकर फायर कर पाएंगे। भारत के ही एक शिपयार्ड में बन रही इन नावों की रफ्तार बढ़ाई गई है। उनमें नजर रखने और कम्युनिकेशन के लिए आधुनिक सिस्टम लगाए गए हैं। नाव के सामने हल्की मशीनगन लगाने के लिए सुरक्षित जगह है। अंदर से फायर करने के लिए लूप होल्स बनाए गए हैं।
 
सबसे खास बात ये है कि इसके अगले और बगल के हिस्सों में स्टील की प्लेट्स लगाई गई हैं। इन प्लेट्स से इन नावों को इतनी सुरक्षा मिलेगी कि चीनी नावों की टक्कर से ये न तो टूटेंगी और न ही इन्हें डुबाया जा सकेगा। इन नावों में 30-35 सैनिक बैठ पाएंगे।

इससे पहले पेंगांग झील में भारतीय सैनिकों को गश्त लगाने के लिए गोवा शिपयार्ड में बनी नावें मुहैया कराई गई थीं। इनमें 10-12 सैनिकों के बैठने की व्यवस्था थी। इनकी रफ्तार 30 नॉटिकल माइल्स तक थी। चीनी सैनिक ज़मीन के अलावा पेंगांग झील के जरिये भी भारतीय सीमा में दाखिल होने की कोशिश करते रहते हैं।

गौरतलब है कि लद्दाख में लाइन ऑफ़ एक्चुअल कंट्रोल पर भारत और चीन के बीच मई से तनाव चल रहा है। भारतीय-चीनी सैनिकों के बीच एक झड़प के बाद दोनों महाशक्तियों के बीच तनाव चरम पर पहुंच गया। सीमा पर युद्ध जैसी हालात हो गए थे। सोनों देशों के बीच के बीच पिछले पांच दशक के सबसे बड़े सैनिक तनाव की शक्ल ले चुका है। इस तनाव में अबतक 20 सैनिक शहीद हो चुके हैं और इससे दुगनी तादाद में चीनी सैनिक मारे जा चुके हैं।

 


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