किसानों ने स्वीकार नहीं की सरकार की खातिरदारी, लंगर से आया खाना


नई दिल्ली: सरकार के खिलाफ किसानों में काफी गुस्सा है। आज करीब 12 बजे से किसानों और सरकार के बीच बातचीत चल रही है। इस बातचीत के बीच लंच ब्रेक भी हुआ। किसानों में सरकार के खिलाफ गुस्से का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि, किसान नेताओं ने सरकार की खातिरदारी को स्वीकार नहीं किया और बाहर से खाना मंगवाकर खाया।

किसानों ने पहले ही तय कर लिया था कि सरकार का खाना स्वीकार नहीं करेंगे। ऐसे में सिंधु बॉर्डर से सफ़ेद एम्बुलेंस में किसान नेताओं के लिए खाना पैक होकर आया था। सिंधु बॉर्डर पर लगे लंगर से किसान नेताओं के लिए खाना पहुंचा। किसान और सरकार के बीच आज चौथे दौर की बातचीत चल रही है, जिसमें किसान सरकार से लिखित गारंटी चाहते हैं।

आज की बैठक में किसान नेताओं की तरफ से कविता तालुकदार अकेली महिला हैं. कविता एक सोशल एक्टिविस्ट हैं और इस आंदोलन की सेंट्रल कोऑर्डिनेशन कमिटी की मेंबर भी हैं। इस चर्चा में किसान नेताओं का प्रतिनिधित्व करते हुए कविता ने जबरदस्त दलीलें दी हैं। बैठक में कविता के सवालों ने कृषि मंत्रालय के पदाधिकारियों के पसीने छुड़ा दिए।

गौरतलब है कि, केंद्र सरकार द्वारा लाए गए कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों का आंदोलन जारी है। हजारों किसान पिछले 8 दिनों से दिल्ली बॉर्डर पर डटे हुए हैं और सरकार से कानून वापस लेने की मांग कर रहे है। आज चौथे दौर की बातचीत को लेकर किसानों का कहना है कि यदि इस बैठक में भी कोई समाधान नहीं निकला तो आंदोलन और उग्र होगा।

इतना ही नहीं, किसानों ने ये भी कहा कि पंजाब-हरियाणा से उन्हें और किसानों का समर्थन मिलेगा। ऐसे में पुलिस और पैरा-मिलिट्री फ़ोर्स अलर्ट हो गई है। किसानों की संख्या आने वाले दिनों में बढ़ सकती है, इसको ध्यान में रखते हुए दिल्ली बॉर्डर पर सख्ती और बढ़ा दी गई है। पुलिस और पैरा-मिलिट्री फ़ोर्स ने सुरक्षा के और भी पुख्ता इंतजाम कर लिए हैं।

 

Comments