अब टैटू पर उतरा किसान आंदोलन, फसल से लेकर पंजाब के नक़्शे की बनवा रहे डिजाईन
नई दिल्ली: दिल्ली में चल रहे किसान आंदोलन की चर्चा अब हर तरफ होने लगी है। मीडिया, पेपर, बयानबाजी के बाद बाद टैटू में भी किसान आंदोलन छाने लगा है। लुधियाना से सिंधु बॉर्डर आई टैटू आर्टिस्ट की टीम आंदोलन में बैठे किसानों को फ्री में टैटू बनाकर दे रही है। 'क्रेजी टैटू' के नाम से लगे इस स्टॉल पर युवा आन्दोलनकारियों की भीड़ सबसे ज्यादा है। इसमें सबसे ख़ास टैटू की थीम है, जो किसान आंदोलन से जुडी है।
टैटू आर्टिस्ट रविंदर सिंह और चेतन सूद की 3 लोगों की टीम है जो कि शुक्रवार को ही सिंघु बॉर्डर पहुंचे थे। पहले ही दिन 30 लोगों के टैटू इन्होंने बनाए हैं और दूसरे दिन के स्लॉट की बुकिंग पहले ही हो गई है। एक दिन में सवा लाख की कीमत तक के टैटू किसानों के लिये फ्री में बनाए गए।
आंदोलन में टैटू बनाने की सोच कहां से आई? इस सवाल पर टैटू आर्टिस्ट रविंदर सिंह ने बताया कि हम कल से यहां आए हुए हैं, टैटू यूथ को प्रेरित करता है। हमने सोचा कि अगर हम यहां पर आकर टैटू बनाते हैं तो युवा और ज्यादा जुड़ेंगे। हमने 1 दिन में 25 से 30 टैटू करने का लक्ष्य रखा है। टैटू बनवाने के लिए फॉर्म भरना होता है। फॉर्म हम लोगों को दे देते हैं। फॉर्म भर कर लोग अपनी बारी का इंतजार करते हैं।
एक टैटू की कीमत 4500 से 5000 रुपए के बीच में आती है। इसी कैटेगरी के टैटू डिजाइन यहां पर बनाए जा रहे हैं। कल हमने करीब सवा लाख तक की कीमत के टैटू बनाए थे, जो यहां किसानों के लिए पूरी तरह से मुफ्त में उपलब्ध हैं। कंसेंट फॉर्म में लोगों की पूरी डिटेल होती है, मेडिकल डीटेल और स्किन एलर्जी से जुड़ी हुई जानकारी होती है। ये भी लिखा होता है कि वी अपनी मर्जी से टैटू बना रहे हैं और अपनी मर्जी से ही डिजाइन बनवा रहे हैं।
खास बात ये है कि यहां बनाये जाने वाले टैटू के डिजाइन का कॉन्सेप्ट भी किसान आन्दोलन से ही प्रेरित है। डिज़ाइन के कांसेप्ट पर टैटू आर्टिस्ट चेतन सूद ने बताया, "हम पहले से ही सोच कर आए थे कि किसानी और पंजाबी कल्चर पर टैटू बनाना है तो हम उस हिसाब से डिजाइन तैयार करके लाए थे। हम 3 लोगों की टीम हैं, दो सीनियर आर्टिस्ट और एक जूनियर आर्टिस्ट. एक टैटू बनाने में करीब आधा घंटे का समय लग जाता है। कल हमने करीब 30 टैटू बनाए थे।आज का टारगेट भी 25 से 30 टैटू बनाने का है।”
अपने हाथ पर पंजाब के नक्शे का टैटू बनवाने वाले हरविंदर सिंह का कहना है, "हम पंजाब से हैं। पूरे देश से प्यार करते हैं लेकिन अपनी जन्म स्थान का जो प्यार होता है वह इस टैटू में है। किसी को बताने की जरूरत नहीं है कि हम कौन से स्टेट से हैं। खाली यह देख टैटू देखेगा तो समझ जाएगा. हमारी भाषा पंजाबी को प्रदर्शित करने के लिए मैंने टैटू बनाया है।"

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