971 करोड़ की लागत से बनेगा लोकतंत्र का नया मंदिर, दिखेगी देश के हर कोने की झलक
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोकतंत्र के मंदिर की नई बिल्डिंग की नींव रख दी है। 2022 में आजादी के 75 साल पूरे होने पर देश के संसद भवन की तस्वीर भी बदल जाएगी। 2022 में देश की स्वतंत्रता की 75वीं वर्षगांठ के अवसर पर 'नए भारत' की आवश्यकताओं और आकांक्षाओं को पूरा करेगा। ये भवन मौजूदा बिल्डिंग से अधिक बड़ी, आकर्षक और आधुनिक सुविधाओं से लैस होगा।
अगस्त 2019 में मौजूदा लोकसभा स्पीकर ओम बिड़ला और उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू की ओर से नए संसद भवन का प्रस्ताव रखा गया था। यह भवन भारतीय संस्कृति और हमारी क्षेत्रीय कलाओं, हस्तशिल्पों, टेक्सटाईल्स और स्थापत्य की विविधता का समृद्ध मिश्रण प्रस्तुत करेगा।
ये है नए संसद भवन की ख़ास बातें-
- संसद भवन की नई बिल्डिंग में आधुनिक तकनीक और जरुरतों का ध्यान रखा जा रहा है।
- नए संसद भवन के लिए रखे गए प्रस्ताव के मुताबिक़, नया संसद भवन 64500 स्क्वायर मीटर में बनाया जाएगा, जो चार मंजिला होगा और इसका खर्च 971 करोड़ रुपए आएगा।
- सभी सांसदों के लिए संसद भवन परिसर में दफ्तर बनाया जाएगा, जिसे 2024 तक तैयार किया जाएगा। नई बिल्डिंग का डिजाइन अहमदाबाद की HCP डिजाइन मैनेजमेंट ने तैयार किया है।
- नया संसद भवन टाटा प्रोजेक्ट्स द्वारा बनाया जाएगा। नई बिल्डिंग में ऑडियो विजुअल सिस्टम, डाटा नेटवर्क फैसिलिटी का ध्यान रखा जा रहा ह।
- नई बिल्डिंग में कुल 1224 सांसदों के बैठने की सुविधा होगी। इनमें 888 लोकसभा चैंबर में बैठ सकेंगे, जबकि राज्यसभा चैंबर में 384 सांसदों के बैठने की सुविधा होगी।
- भविष्य में अगर सांसदों की संख्या बढ़ती है, तो उसकी जरूरत भी पूरी हो सकेगी। संसद भवन में देश के हर कोने की तस्वीर दिखाने की कोशिश की जाएगी।
- नई बिल्डिंग में सेंट्रल हॉल नहीं होगा, लोकसभा चेंबर में ही दोनों सदनों के सांसद बैठ सकेंगे। संसद भवन की मौजूदा बिल्डिंग को एक म्यूजियम के तौर पर रखा जाएगा, उसमें काम भी चलता रहेगा।
- लोकसभा और राज्यसभा कक्षों के अलावा नए भवन में एक भव्य संविधान कक्ष होगा, जिसमें भारत की लोकतांत्रिक विरासत दर्शाने के लिए अन्य वस्तुओं के साथ-साथ संविधान की मूल प्रति, डिजिटल डिस्पले आदि होंगे।
- मौजूदा संसद भवन की नींव 12 फरवरी 1921 को रखी गई थी, जी 1927 ने बनकर तैयार हुआ था। सर एडवर्ड लुटियंस, सर हॉर्बर्ट बेकर की अगुवाई में संसद भवन की बिल्डिंग तैयार हुई थी जिसे दुनिया के सबसे बेहतरीन इंफ्रास्ट्रक्चर के तौर पर देखा जाता है। तब इस भवन को बनाने में कुल 83 लाख रुपये का खर्च आया था।
- नया संसद भवन केंद्र सरकार की योजना सेंट्रल विस्टा के तहत बनाया जा रहा है. जिसमें संसद भवन के अलावा प्रधानमंत्री कार्यालय, राष्ट्रपति भवन और आसपास के इलाकों का नवीनीकरण किया जाएगा।


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