सिंघु बॉर्डर पर पकड़े गए संदिग्ध शख्स का खुलासा, कहा- कैंप में किसानों ने पीटा, दबाव में लिया पुलिस का नाम


 
नई दिल्ली: किसान आंदोलन के बीच सिंघु बॉर्डर से पकडे गए संदिग्ध शख्स ने अपना बयान पलटते हुए बड़ा खुलासा किया है। योगेश का कहना है कि, उसने प्रदर्शनकारी किसानों के दबाव में आकर मीडिया के सामने वो बयान दिया था और पुलिस का नाम लिया था। आगे योगेश ने कहा कि, उसे कुछ लोगों ने कैंप में ले जाकर मारा और कहा कि, उसे ये बयान देना पड़ेगा।

योगेश का कहना है कि,''मुझे मारने के बाद खाना खिलाया और दारू भी पिलाई, जिसके बाद उन लोगों ने मेरा वीडियो बनाया। मेरे साथ 4 और लड़के पकड़े थे जिसमें एक का नाम सागर था. बाकी के नाम मुझे पता नहीं। सागर ने बताया कि उसे भी मारा गया। योगेश ने कहा कि उन लोगों ने मुझे डराया और कहा कि हमने सागर को मार दिया। अब तुझे छूटना है कि नहीं? योगेश का कहना है कि उन्होंने कहा कि जो हम कहेंगे, उसे तुझे प्रेस के आगे बोलना है। वहां एक झूठी कहानी बनाई गई जो मैंने मीडिया के आगे बताई।  उनसे छूटने के लिए मैंने ये सब कहा और पुलिस के सामने जाते ही मैंने सब सच-सच पुलिस को बता दिया।

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योगेश ने बताया कि वह हरियाणा के सोनीपत का रहने वाला है। उनसे कहा कि उसकी आंख पर जो चोट का निशान है वो भी उन लोगों की ही देन है। योगेश ने दावा किया कि उससे ये भी कहा गया है कि 10 लड़के और राजधानी दिल्ली आएंगे। एक लड़का अभी किसानों की कस्टडी में है जो  यूपी का रहने वाला है। योगेश ने अपने बयान को लेकर सफाई देते हुए कहा कि मेरे ऊपर कोई दबाव नहीं है किसी पुलिसवाले ने कुछ नहीं कहा है. मेरे ऊपर दबाव किसानों का था। योगेश ने यह भी दावा किया कि उन लोगों ने लड़के को पाइप से मारा था और वो अधमरी हालात में ट्रॉली में पड़ा हुआ था।

इससे पहले योगेश ने बयान दिया था कि किसान नेताओं की हत्या करने का निर्देश उसे सोनीपत के राई थाने के SHO प्रदीप ने दिए थे, लेकिन राई थाने पर प्रदीप नाम से कोई शख्स ही नहीं है। दिल्ली बॉर्डर पर धरना दे रहे किसानों ने इस संदिग्ध युवक को पकड़ा था। इस संदिग्ध युवक ने कबूल किया था कि वह 26 जनवरी के दिन चार किसान नेताओं की हत्या करने के उद्देश्य से आया था।

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