बीटिंग रिट्रीट पर कोरोना का साया, नहीं होंगे दर्शक लेकिन हाई होगा जवानों का जोश
नई दिल्ली: कोरोना का संक्रमण देश में भले ही कम होता जा रहा है लेकिन ख़तरा अभी भी बना हुआ है और सबकुछ सामान्य होता नहीं दिख रहा है। कोरोना का असर इस बार गणतंत्र दिवस समारोह पर भी देखने को मिल रहा है। यही कारण है कि इस बार कोई भी विदेशी मेहमान परेड देखने के लिए नहीं पहुंच रहा है। सरकार इस दौरान पूरी सतर्कता बरतने की कोशिश कर रही है।
कोरोना के चलते इस बार अटारी-वाघा बॉर्डर पर बीटिंग रिट्रीट सरेमोनी में हर साल जैसा नजारा देखने को नहीं मिलेगा। बीएसएफ सूत्रों की मानें, तो इस बार 26 जनवरी को सामूहिक तौर पर रिट्रीट सेरेमनी नहीं होगी। कोरोना संकट के कारण 7 मार्च, 2020 से ही अटारी-वाघा पर होने वाली रिट्रीट सेरेमनी बंद है, यहां हजारों की संख्या में दर्शक आते थे।
कोरोना से जान गंवाने वालों को याद कर भावुक हुए पीएम मोदी, कहा- हम उनका अंतिम संस्कार भी नहीं सके
गौरतलब है कि, यहां हर शाम भारत और पाकिस्तान के जवान आमने-सामने होते थे, इस दौरान झंडा उतारने के दौरान होने वाली बीटिंग रिट्रीट के दौरान दोनों ओर जोश हमेशा ही हाई रहता था। इसकी शुरुआत साल 1959 में की गई थी। इस बार 26 जनवरी को दिल्ली के राजपथ में होने वाली गणतंत्र दिवस परेड को लेकर भी काफी सावधानियां बरती जा रही हैं। सभी यूनिट्स कोरोना गाइडलाइन्स का पालन कर रही हैं, साथ ही दर्शकदीर्घा को भी सीमित कर दिया गया है।
कोरोना संकट के कारण ही इस बार गणतंत्र दिवस के मौके पर कोई विदेशी मेहमान नहीं आ रहा है। ब्रिटिश पीएम बोरिस जॉनसन को पहले भारत की ओर से न्योता दिया गया था, जिसे उन्होंने स्वीकारा था। हालांकि, बाद में यूके में कोरोना के नए स्ट्रेन का संकट अचानक बढ़ गया, जिस कारण ये दौरा रद्द हो गया।
राम मंदिर निर्माण के लिए दिल खोलकर दान, अहमदाबाद के हीरा कारोबारी ने दिए 11 करोड़ रुपए

Comments
Post a Comment