30 लाख करोड़ का होता है देश का बजट, आखिर ये पैसा आता कहा से है?
नई दिल्ली: वित्त वर्ष 2021-22 का बजट वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण कुछ ही देर में पेश करने वालीं हैं। हर साल बजट से आम आदमी से लेकर बड़े-बड़े व्यापारियों को भी उम्मीद रहती है कि, उनके लिए क्या ख़ास होगा। इसके अलावा विभिन्न मंत्रालयों और विभागों के लिए भी बजट आवंटन होता है, जो वे पूरे वित्त वर्ष के दौरान विभिन्न खर्चों और योजनाओं में इस्तेमाल करते हैं।
वित्त वर्ष 2020-21 का आवंटित बजट का आकार करीब 30 लाख करोड़ रुपए का था। ऐसे में आम आदमी में मन में ये सवाल रहता है कि सरकार जो बजट में बड़े-बड़े ऐलान करती हैं, उसके लिए पैसे कहां से आते हैं? सरकार के पास आमदनी का जरिया क्या है? आमतौर पर लोग जानते हैं कि टैक्स और राजस्व सरकार की आमदनी का सबसे बड़ा जरिया होता है। तो यहां आपको बताते है कि सरकार की कमाई का जरिया क्या है।
उदाहरण के लिए एक रुपये की आमदनी में मुख्यतौर पर सरकार के पास इन रास्तों से पैसे आते हैं:-
उधार और अन्य देयताएं- 20 पैसे
निगम कर- 18 पैसे
इनकम टैक्स- 17 पैसे
सीमा शुल्क- 4 पैसे
केंद्रीय उत्पाद शुल्क- 7 पैसे
जीएसटी एंव अन्य कर- 18 पैसे
विभिन्न राजस्व से कर- 10 पैसे
कर्ज से इतर कैपिटल इनकम- 6 पैसे
अब इसी रकम को सरकार बजट में लोककल्याण योजनाओं से लेकर दूसरे मदों पर खर्च करती है। अर्थशास्त्रियों की मदद से एक रूप-रेखा तैयार की जाती है, किस सेक्टर और किस मंत्रालय को कितने फंड की जरूरत है।आइए जानते हैं सरकार जमा राशि को कहां-कहां खर्च करती है।
ब्याज अदायगी- 18 पैसे
केन्द्रीय क्षेत्र की योजनाएं- 13 पैसे
वित्त आयोग और अन्य अंतरण- 10 पैसे
करों और शुल्कों में राज्यों का हिस्सा- 20 पैसे
केन्द्रीय प्रायोजित योजनाएं- 9 पैसे
आर्थिक सहायता- 6 पैसे
रक्षा- 8 पैसे
पेंशन- 6 पैसे
अन्य व्यय- 10 पैसे
हालांकि खुद वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण कह चुकी हैं कि कोरोना महामारी की वजह से इस बार का बजट पिछले 100 साल के बजट की तुलना में बिल्कुल अलग रहने वाला है, इसलिए बजट में आय-व्यय के जरिये में फेरबदल भी हो सकता है।

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