'साइलेंट किलर' बन रहा कोरोना, बिना लक्षण के चपेट में आ रहे लोग



मुंबई:
देश में कोरोना की दूसरी लहर तेजी से पैर पसार रही है। इस लहर का एपिसेंटर फिर महाराष्ट्र बनता दिख रहा है। पिछले कई दिनों से राज्य मे 30 हजार से ज्यादा मामले सामने आ रहे है। इस बीच बीएमसी के कमिश्नर इकबाल सिंह चहल के बयान ने चिंता बढ़ा दी है। उन्होंने कहा है कि मुंबई में कोरोना की दूसरी लहर शुरू हो गई है। मुंबई में सिर्फ 49 दिनों में 91 हजार कोरोना के केस रिपोर्ट किए गए हैं।

बीएमसी के कमिश्नर के मुताबिक, मुंबई में अभी 74 हजार मामले ऐसे हैं जिनमें कोरोना के कोई लक्षण नहीं हैं। यानी कोरोना अब एक 'साइलेंट किलर' के रूप में उभरता दिख रहा है जो बिना लक्षणों के लोगों को अपनी चपेट में ले रहा है। अन्य मामलों की बात करें, तो मुंबई में करीब 17 हजार लोगों में कोरोना के लक्षण दिखे है। आधे मामलों में लोगों में कोरोना के कुछ लक्षण ही देखे गए हैं।

जिन लोगों में कोरोना के लक्षण नहीं हैं और वो कोरोना पॉजिटिव हैं, उनको लेकर बीएमसी कमिश्नर ने कहा कि उन सभी पर स्टाम्प लगाया जा रहा है। अगर वो सार्वजनिक स्थानों पर मिलते हैं, तो उनपर एफआईआर दर्ज की जाएगी। ऐसे लोगों की गिरफ्तारी भी की जाएगी।

बीएमसी कमिश्नर के मुताबिक़, मुंबई में 9900 हॉस्पिटल बेड्स भर चुके हैं, जबकि 4000 बेड्स की सुविधा इस हफ्ते ऑनलाइन कर दी जाएगी। सरकार लॉकडाउन नहीं चाहती है, अगर लोग कोरोना गाइडलाइन्स का पालन करेंगे तो हालात काबू में आ सकते हैं। अभी मुंबई में कोरोना से होने वाली मौतों की संख्या काबू में हैं। अगर कोई मास्क नहीं पहन रहा है या गाइडलाइन्स नहीं मान रहा है, उसपर 200 रुपये का जुर्माना लगाया जा रहा है।

गौरतलब है कि, मुंबई में मार्च में कोरोना की रफ़्तार बेक्बू हो गई है। मौजूदा वक्त में महाराष्ट्र में कोरोना वायरस के कुल 3.40 लाख एक्टिव केस हैं. इनमें से मुंबई में 47 हजार से अधिक केस एक्टिव हैं, जबकि पुणे में 57 हजार के करीब एक्टिव मामले हैं। फरवरी में जहां महाराष्ट्र में हर दिन औसतन 5 हजार मामले आ रहे थे, वही रफ्तार अब 30 हजार से अधिक प्रतिदिन केस पर पहुंच गई है।

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