31 मार्च तक सभी ट्रेनें रद्द! रेलवे ने जारी किया बयान


नई दिल्ली: कोरोना के मामले एक बार फिर तेजी से बढ़ रहे हैं। देशभर में लगातार बढ़ रहे मामलों को देखते हुए सरकार फिर सख्ती कर रही है। संक्रमण को रोकने के लिए राज्य सरकारें और केंद्र सरकार लगातार सतर्कता बरतने की अपील कर रही है और नई गाइडलाइन्स जारी कर रही है। कई जिलों में फिर से लॉकडाउन लगाया है, तो कई जगह नाईट कर्फ्यू लगाया गया है। इसी बीच सोशल मीडिया पे एक खबर वायरल हो रही है कि, कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए रेलवे ने सभी ट्रेनें 31 मार्च तक रद्द कर दी है।

सोशल मीडिया पर चल रही इस खबर को लेकर रेलवे ने बयान जारी किया है। रेलवे ने कहा कि, ये सिर्फ अफवाह है और कुछ नहीं। मंत्रालय ने ऐसी अफवाहों से बचने की अपील भी की है। वहीं रेल मंत्रालय ने कहा कि आजकल एक्सप्रेस ट्रेन चल रही हैं। इसलिए यात्री यात्रा करते समय कोविड प्रोटोकॉल का पालन करें और बीमारी से बचें। अगर ट्रेन रद्द नहीं होती है, लेकिन यात्री यात्रा नहीं करना चाहता है, तो भारतीय रेलवे रिजर्वड टिकटों के सारे पैसे वापस कर देगा।

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बीजेपी सांसद राम कृपाल यादव ने कहा कि भारतीय रेलवे ने कोरोना महामारी के दौरान सहायता के लिए 43 लाख प्रवासी मजदूरों को परिवहन, दो करोड़ मुफ्त भोजन के पैकेट और कई सौ कोच उपलब्ध कराने की कोशिश की है। वहीं राम कृपाल यादव ने बताया कि भारतीय रेलवे पिछले कई वर्षों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में एक गतिशील विकास संगठन में बदल गया है।

बीजेपी सांसद ने कहा कि मोदी सरकार के दौरान किसी भी राज्य के साथ कोई भेदभाव नहीं हुआ है। रायबरेली में मॉडर्न कोच फैक्ट्री की चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि ये यूपीए शासन के दौरान स्थापित किया गया था, लेकिन एनडीए सरकार आने तक एक भी रेलवे कोच नहीं बना था। अब एनडीए सरकार के सत्ता में आने के बाद से उत्पादन शुरू हो गया है और अब तक 1,500 कोच बन चुके हैं और उनमें से कुछ विदेशों में निर्यात किए जाते हैं।

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