गलवान घाटी में हिंसक झड़प के बाद चीन ने किया था अटैक, ब्लैकआउट हुई थी मुंबई

 



लद्दाख: पिछले साल जब पूर्वी लद्दाख में भारत और चीन के बीच तनाव चरम था और दोनों सेनाओं हथियारों से लैस होकर आमने-सामने थी, तब बीजिंग ने भारत पर साइबर अटैक किया था। इसी अटैक के कारण मुंबई में बिजली व्यवस्था पूरी तरह से थप हो गई थी। ये दावा किया है अमेरिका के अखबार न्यूयॉर्क टाइम्स ने। न्यूयॉर्क टाइम्स की एक रिपोर्ट ने दावा किया है कि मलवेयर पूरे देश में फैला दिया गया था और सभी सक्रिय नहीं थे।

रिपोर्ट में आगे कहा गया है कि पिछले साल भारत और चीन के बीच गलवान घाटी में जून के महीने में हिंसक झड़प के दौरान एक दूसरे पर हमले किए गए और मौतें हुईं।  चार महीने बाद करीब 1500 मील दूर मुंबई में ट्रेनें अचानक रुक गईं और शेयर बाजार बंद हो गया क्योंकि 2 करोड़ की आबादी वाले उस शहर में बिजली ठप हो गई थी।

न्यूयॉर्क टाइम्स ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि अब जो एक स्टडी सामने आई है उसके मुताबिक यह भारत के बिजली के खिलाफ चीन के साइबर कैंपेन का हिस्सा हो सकता है।  ताकि भारत का यह कड़ा संदेश दिया जाए कि अगर वह बीजिंग के खिलाफ सख्त रुख अपनाएगा तो देशभर में बिजली ठप की जा सकती है।

रिपोर्ट में आगे कहा गया है कि भारत की आर्थिक राजधानी मुंबई में 13 अक्टूबर को जो कुछ हुआ था वह बीजिंग की तरफ से संदेश भेजा गया था कि भारत अगर सीमा को लेकर बेहद अड़ियल रुख अपनाता है तो फिर क्या हो सकता है। चीनी मलवेयर भारत में बिजली आपूर्ति के कंट्रोल सिस्टम में घुस चुके थे। इसमें हाई वोल्टेज ट्रांसमिशन सबस्टेशन और थर्मल पावर प्लांट भी शामिल थे।

रिपोर्ट मे भारतीय अधिकारियों का हवाला दिया गया है जिसमें वे यह कह रहे हैं कि पास के इलैक्ट्रिसिटी लोड मैनेजमेंट सेंटर पर चीनी साइबर हमले के कारण ऐसा हुआ था। अथॉरिटीज की तरफ से आधिकारिक तौर पर इसकी जांच की जा रही है, जिसकी रिपोर्ट कुछ हफ्तों में आ जाएगी। उसके बाद से चीन के कोड को लेकर भारतीय अधिकारियों ने कुछ भी बोलने से परहेज किया है।

रिपोर्ट में यह कहा गया है कि भारत की तरफ से कोड की तलाश की जा रही है। एक पूर्व राजनयिक ने कहा कि हाल मे चीन के विदेश मंत्री वांग यी के साथ उनके भारतीय समकक्षीय विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने तनाव कम करने को लेकर जो कूटनीतिक पहल की है, उस पर इसका असर पड़ सकता है।

Comments