पुंडूचेरी-केरल की नर्स, असम का गमछा पहन पीएम मोदी ने लगवाया कोरोना का टीका
नई दिल्ली: देश में कोरना वैक्सीनेशन के दूसरे चरण की शुरुआत आज से हो गई है। इस चरण में 60 साल से ज्यादा की उम्र वाले लोगों को टीका लगाया जाएगा। इसके अलावा 45 से 59 साल के उन लोगों को टीका लगाया जाएगा जो किसी गंभीर बीमारी से ग्रसित है। इसी के तहत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सुबह-सुबह एम्स पहुंचकर कोरोना की स्वदेशी वैक्सीन 'कोवैक्सीन' की पहली डोज ली। पीएम मोदी के टीकाकरण के बाद एक्सपर्ट्स को उम्मीद है कि, अब वैक्सीनेशन की रफ़्तार और तेज होगी।
इस मौके पर एम्स के निदेशक डॉक्टर रणदीप गुलेरिया भी मौजूद थे। पुडुचेरी की नर्स सिस्टर पी निवेदा ने पीएम मोदी को कोवैक्सीन की पहली डोज दी। उनकी मदद के लिए केरल की नर्स सिस्टर रोसम्मा अनिल भी मौजूद थीं। एम्स में वैक्सीन लेने के दौरान चुनावी राज्य असम का गमछा ओढ़ा हुआ था, जो असम की महिलाओं के आशीर्वाद का प्रतीक है। पीएम इस गमछे को कई मौके पर पहन चुके हैं।
मार्च से 'दूध_100_रूपये_लीटर'!, आम आदमी पर फिर पड़ेगी महंगाई की मार?
मेदांता अस्पताल के प्रबंध निदेशक डॉक्टर नरेश त्रेहान ने कहा कि पीएम नरेंद्र मोदी के इस कदम के बाद कोरोना वैक्सीनेशन को लेकर भ्रम दूर हो जाएगा और साफ हो जाएगा कि कोवैक्सीन सुरक्षित है, लोगों को डरने की जरूरत नहीं है। इस वैक्सीन का कोई बड़ा साइड इफेक्ट अब तक सामने नहीं आया है, केवल थकान या बुखार जैसी शिकायतें आई हैं।
डॉक्टर नरेश त्रेहान ने कहा कि अभी हर्ड इम्युनिटी भारत में नहीं है, लेकिन हम इसे 6 महीने के भीतर हासिल कर सकते हैं, अगर हम लोगों का लक्ष्य के अनुसार टीकाकरण करवाते हैं। इस समय ज्यादा सावधानी बरतने की जरूरत है, क्योंकि 60 साल से अधिक उम्र के बुजुर्गों और 45 साल से अधिक गंभीर रोगियों को टीका लगाया जाना है।

Comments
Post a Comment