अमेरिका के ऐलान से कांपा ड्रैगन, चीन से युद्ध हुआ तो भारत के साथ US आर्मी




नई दिल्ली: भारत से पंगा लेकर चीन बुरी तरह फंस गया है। भारत के जवानों के हौंसले, वायुसेना की तैयारी और सरकार की रणनीति के आगे आखिरकार चीन को घुटने टेकने पड़े और सीमा से चीनी सेना पीछे हटी है। इसी बीच अमेरिका के बड़े ऐलान ने चीन की चिंता और बढ़ा दी है। दरअसल, युद्ध की स्थिति में अमेरिका ने भारत के साथ रहने की बात की है।

व्हाइट हाउस के एक शीर्ष अधिकारी ने सोमवार को ऐलान किया कि यदि भारत और चीन के बीच युद्ध के हालात बनते है तो अमेरिकी सेना भारत का साथ देगी। व्हाइट हाउस ने स्पष्ट कहा कि वे चीन को एशिया में दादागिरी करने नहीं दे सकते। इस ऐलान के तुरंत बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ट्वीट किया कि चीन के कारण अमेरिका और बाकी दुनिया को भारी क्षति पहुंची है।


'फॉक्स न्यूज' के एक सवाल का जवाब देते हुए व्हाइट हाउस के चीफ ऑफ स्टॉफ मार्क मीडोज ने कहा कि 'संदेश स्पष्ट है। हम खड़े होकर चीन को या किसी और को सबसे शक्तिशाली या प्रभावी बल होने के संदर्भ में कमान नहीं थामने दे सकते, फिर चाहे वह उस क्षेत्र में हो या यहां।

इधर, दक्षिण और पूर्वी चीन सागर में चीन का पड़ोसी देशों के साथ तनाव चल रहा है। दरअसल, बीजिंग ने इन इलाके में कृत्रिम द्वीप बनाकर उसका सैन्यकरण कर दिया है। साउथ चाइना सी में अमेरिकी सेना का युद्धाभ्यास जारी है।


साउथ चाइना सी में युद्धाभ्यास के दौरान परमाणु बम ले जाने में सक्षम अमेरिका के बमवर्षक विमान समेत कुल 11 फाइटर जेट ने विवादित क्षेत्र में उड़ान भरी। इन सभी फाइटर जेट ने निगरानी विमानों के जरिए चीन को अपनी ताकत का एहसास कराया।

दक्षिण चीन सागर में अपने एयरक्राफ्ट भेजकर अमेरिका ने दुनिया को सन्देश देना चाहा है कि दुनिया की महाशक्ति हम ही है। हमारे राष्ट्रपति ने सेना पर बहुत पैसा खर्च किया। न सिर्फ सेना पर बल्कि तमाम उन लोगों पर पैसा खर्च किया है जो देश के लिए बलिदान देने को तैयार है।

Comments