161 फीट ऊंचाई, पांच गुंबद, दुनिया में अनोखा होगा श्रीराम का भव्य मंदिर




पांच अगस्त की तारीख अब एक और इतिहास लिखने जा रही है। इसी तारीख को देश का इंतजार ख़त्म होगा, जो वह आजादी के बाद से करता आया है। आजादी के बाद भी अनुच्छेद 370 और अनुच्छेद 350 की बेड़ियों में बंधा जम्मू-कश्मीर 5 अगस्त 2019 को आजाद हुआ था और अब 5 अगस्त 2020 को करोड़ों हिंदुस्तानियों का सपना पूरा होने जा रहा है। जी हां, 5 अगस्त को अयोध्या में श्रीरामलला के मंदिर का भूमिपूजन होने वाला है।

राम मंदिर निर्माण का काम जल्द ही शुरू होने वाला है। मंदिर के शिलान्यास की तैयारी जोरों पर है। 18 अगस्त को रामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की बैठक में भूमिपूजन की तारिख तय की गई। इसके साथ ही बैठक में मंदिर के मॉडल में भी बदलाव किया गया है। अब राम मंदिर दो नहीं, तीन मंजिल का होगा। मंदिर की ऊंचाई और गुंबद की संख्या में भी बदलाव हुआ है।

ऐसा है नया मॉडल

पुराने मॉडल के अनुसार मंदिर दो मंजिला बनना था, लेकिन बाद में हुए बदलाव के मुताबिक़ अब मंदिर तीन मंजिला होगा। मंदिर की लंबाई 268 फीट और चौड़ाई 140 फीट होगी। हालांकि इसके मूल रूप में कोई बदलाव नहीं किया गया है। साथ ही गर्भ गृह और सिंह द्वार के नक्शे भी पहले मॉडल की तरह ही है।

राम मंदिर में अग्रभाग, सिंह द्वार, नृत्य मंडप रंग मंडप और सिंह द्वार को छोड़कर लगभग सब का नक्शा बदलेगा। पहले मंदिर की ऊंचाई 128 फीट रहनी थी, जो अब 161 फीट हो गई है। तीन मजिला मंदिर में 318 खंभे होंगे।  हर तल पर 106 खंभे बनाए जाएंगे। हर खंभे में 16 मूर्तियां तराशी जाएंगी।

गुजरात के वास्तुकार ने तैयार किया मॉडल

गुजरात के जाने-माने वास्तुविद् चंद्रकांत सोमपुरा ने साल 1987 में विहिप के तत्कालीन सुप्रीमो अशोक सिंहल के कहने पर राम मंदिर का मॉडल तैयार किया था। सोमपुरा के अनुसार संशोधित आकार के अनुरूप 15 दिन में नई डिजाइन के अनुसार मास्टर प्लान तैयार हो सकता है।

3 अगस्त से शुरू हो जाएगी पूजा-पाठ

राम मंदिर का भूमि-पूजन अभिजीत मुहूर्त में 'सर्वार्थ सिद्धि योग' में किया जाएगा। ताम्र कलश में गंगाजल और अन्य तीर्थों का जल लाकर पूजा की जाएगी। 3 अगस्त से पूजा-पाठ का काम शुरू हो जाएगा। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी भूमि-पूजन में शामिल होंगे।

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