विकास दुबे के साथी का खुलासा-'पुलिस से आई थी सूचना कि हमें पुलिसवालों को मारना है'
बिकरु हत्याकांड का मुख्य आरोपी विकास दुबे तो एनकाउंटर में मारा जा चुका है लेकिन पुलिस उसके साथियों की तलाश में अभी भी ऑपरेशन चला रही है। इसी ऑपरेशन में पुलिस ने 50 हजार के इनामी बदमाश शशिकांत को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। शशिकांत की गिरफ्तारी के बाद विकास दुबे को लेकर कई बड़े खुलासे हो रहे हैं।
मीडिया के सामने शशिकांत ने खुलासा किया कि विकास दुबे के कारण गोली चली थी और पुलिसवालों को मारा गया था। विकास दुबे ने धमकी दी थी कि आज इन्हें मारना है, नहीं तो मैं तुम्हे मार दूंगा। शशिकांत ने बताया, घटना को अंजाम देने वालों में मैं, अमर दुबे, विकास दुबे, प्रभात मिश्रा, बाउवा, अतुल दुबे शामिल थे. विकास ने हमारे ऊपर दबाव बनाया कि तुम गोली नहीं चलाओगे तो तुम्हे मार डालेंगे.'
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पुलिस से पहले ही मिल गई थी सूचना
शशिकांत ने बताया कि 'हमने तय कर लिया था कि हमें पुलिसवालों को मारना है क्योकि हमें पुलिस के जरिए पहले ही सूचना मिल गई थी। पुलिस से ही सूचना आई थी कि हमें पुलिस वालों को मारना है। हमारे सामने सीओ साहब और 2 दारोगा की हत्या हुई थी। विकास दुबे ने हर किसी को कहा था कि आज इन्हें मारना है। हथियार विकास दुबे ने फोन करके बुलवाए थे।
गौरतलब है कि शशिकांत के घर में सीओ समेत दो दारोगा को गोलियों को भून दिया गया था। इस पूरे हत्याकांड में 8 पुलिसवालों को मौत के घाट उतारा गया था। इस जघन्य हत्याकांड के बाद से ही पुलिस को विकास दुबे और उसके साथियों की तलाश थी।
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शशिकांत विकास दुबे के मामा प्रेम प्रकाश का बेटा है। शशिकांत को पुलिस की लूटी हुई गिरफ्तारी के साथ गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्तारी के बाद उसने मीडिया के सामने घटना वाली रात का पूरा सच बताया। हालांकि पुलिस ने इस घटना के दूसरे ही दिन तीन जुलाई को प्रेम प्रकाश और अतुल को मार गिराया था।
मारा जा चुका है विकास दुबे
आठ पुलिसवालों की मौत का मुख्य आरोपी विकास दुबे एनकाउंटर में मारा जा चुका है। दरअसल, इस घटना के बाद से ही पुलिस को विकास दुबे की तलाश थी लेकिन वह पुलिस को चकमा देकर मध्यप्रदेश तक पहुंच गया था। उसकी तलाश में पुलिस ने उसके कई करीबियों और रिश्तेदारों के घर छापेमारी भी की थी। इसी बीच 9 जुलाई को आखिरकार विकास दुबे उज्जैन के महाकाल मंदिर से गिरफ्तार कर लिया गया।
गिरफ्तारी के बाद शुक्रवार को यूपी एसटीएफ की टीम उसे उज्जैन से कानपुर ले जा रही थी लेकिन रास्ते में एसटीएफ की वो गाड़ी अचानक पलट गई जिसमें विकास दुबे सवार था। गाड़ी के दुर्घटनाग्रस्त होने के बाद विकास दुबे पुलिस से हथियार छिनकर भागने लगा और पुलिस पर हमला करने लगा। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने उसे मार गिराया था।
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