मर गया विकास दुबे फिर भी जारी है पुलिस का ऑपरेशन, बचेंगे नहीं साथी



कानपुर: उत्तर प्रदेश का कुख्यात गुंडा और आठ पुलिसकर्मियों का हत्यारा विकास दुबे शुक्रवार को एनकाउंटर में मरा जा चुका है। विकास दुबे भले ही मर गया हो लेकिन पुलिस अभी भी चैन से नहीं बैठी है। विकास के मारे जाने के बाद भी पुलिस का ऑपरेशन जारी है। अब पुलिस उन लोगों की तलाश में जुटी है जो इस जघन्य हत्याकांड में विकास दुबे के साथ थे।

अभी तक पुलिस ने इस हत्याकांड को अंजाम देने वाले विकास दुबे सहित 6 लोगों को एनकाउंटर कर मार दिया है। इसके अलावा तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस को अब इस हत्याकांड को अंजाम देने वाले और लोगों की तलाश है।


अपर पुलिस महानिदेशक कानून व्यवस्था प्रशांत कुमार ने कहा कि बिकरू कांड को अंजाम देने के मामले में 21 अभियुक्तों को नामजद किया गया है जबकि 60 से 70 अन्य अभियुक्त भी पुलिस के राडार पर हैं। अभी तक विकास दुबे सहित 6 नामजद अभियुक्त मारे जा चुके है और तीन को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस को अब 12 आपराधियों की तलाश है, जिसके लिए ऑपरेशन जारी है। जानकारी के अनुसार पुलिस की टीमें लगातार फरार अपराधियों की तलाश में छापेमारी कर रही हैं।

गौरतलब है कि बिकरू हत्याकांड के करीब आठ दिन बाद विकास दुबे उज्जैन के महाकाल मंदिर से गिरफ्तार किया गया था। शुक्रवार को जब उसे उज्जैन से कानपुर ले जाया जा रहा था तब कानपुर में घुसते ही एसटीएफ की गाड़ी पलट गई। गाड़ी के दुर्घटनाग्रस्त होते ही विकास दुबे ने पुलिस के हथियार छीनकर भागने की कोशिश की। इस दौरान पुलिस ने उसका एनकाउंटर कर दिया, जिसमें उसकी मौत हो गई।

हालांकि विकास दुबे के एनकाउंटर ने कई सवालों को जन्म दे दिया है। एनकाउंटर से पहले विकास दुबे की गाड़ी बदलना, मीडिया को रोकना, सरेंडर करने के बाद विकास दुबे का भागना, एक्सीडेंट होना लेकिन किसी को दिखाई नहीं देना.. कई ऐसे पहलु है जो उस 15 मिनट के अंदर हो गए जब मीडिया को रोक दिया गया।







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