PPE किट में पुलिसकर्मी, कोरोना वॉरियर्स को समर्पित थीम, इस बार ऐसा होगा लाल किले का नजारा
कोरोना संकट के बीच वैसे तो सभी सार्वजनिक कार्यक्रमों पर रोक लगी लेकिन इसी बीच स्वतंत्रता दिवस आने वाला है, जिसकों लेकर तैयारियां जोरों पर है। हर बार जब प्रधानमंत्री लाल किले की प्राचीर से देश को संबोधित करते हैं तो सामने स्कूली बच्चे, मेहमान और हजारों लोग वहां मौजूद होते है लेकिन इस बार लाल किले का नजारा कुछ और होगा।
इस बार जब 15 अगस्त पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लाल किले से देश को संबोधित करेंगे तो ना वहां मेहमानों की भीड़ होगी, ना ही बड़ी संख्या में स्कूली बच्चें इस कार्यक्रम में शामिल होंगे। गृह मंत्रालय ने लाल किले से होने वाले कार्यक्रम को लेकर गाइडलाइन्स जारी कर दी है।
ये है गृह मंत्रालय की गाइडलाइन्स
गृह मंत्रालय की ओर से जारी गाइडलाइन्स के मुताबिक, इस बार 15 अगस्त पर काफी कम मेहमानों को न्योता दिया जाएगा। इस दौरान स्कूली बच्चों को नहीं बुलाया जाएगा। गौरतलब है कि जब देश आजादी का जश्न मनाता है तब लाल किले पर बड़ी समझया में स्कूली बच्चे मौजूद रहते है। देश को संबोधित करने के बाद प्रधानमंत्री इन बच्चों के बीच भी जाते हैं।
इसके अलावा कोरोना से सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए जगह-जगह पर हैंड सैनिटाइजर होंगे, मास्क पहनकर आना जरूरी होगी। बैठने की व्यवस्था अलग होगी और दो गज की दूरी रखी जाएगी।
PPE किट पहनकर मौजूद रहेगी पुलिस
गाइडलाइन्स के मुताबिक़ लाल किले के आसपास जिन भी पुलिसवालों की तैनाती होगी वे सभी PPE किट पहने होंगे। मेहमानों के बीच बैठने की दूरी को भी बढ़ा दिया जाएगा।
250 मेहमान होंगे शामिल
हार बार जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लाल किले की प्राचीर से देश को संबोधित करते हैं, तब इस जश्न में करीब एक हजार विशेष अतिथि बुलाए जाते है, लेकिन इस बार ये नजारा देखने को नहीं मिलेगा। इस बार मेहमानों की संख्या को केवल 250 तक ही सिमित रखा जाएगा यानी स्वतंत्रता दिवस के इस जश्न में केवल 250 मेहमान की शामिल होंगे।
वहीं, 15 अगस्त की दोपहर को राष्ट्रपति भवन में जो एट होम कार्यक्रम होता है उसमें भी कोरोना के खिलाफ बनाए गए नियमों का ध्यान रखा जाएगा। इसके अलावा इस थीम को कोविड वॉरियर्स को समर्पित किया जाएगा।
हालांकि 250 मेहमान कौन शामिल होंगे इसकी लिस्ट अभी रक्षा मंत्रालय की ओर से जारी होना बाकी है। दूसरी ओर राज्य स्तर पर 15 अगस्त पर कार्यक्रम कैसे होंगे इसको लेकर भी गृह मंत्रालय ने राज्य सरकारों को गाइडलाइन्स भेज दी है।

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