भारत में बन गई कोरोना की दवा! कीमत सिर्फ 59 रुपए




परमाणु जैसे खतरनाक हथियार बनाना छोड़ दुनिया में अब कोरोना की वैक्सीन बनाने की होड़ लगी हुई है। जो देश बड़े और  खतरनाक हथियार बनाने की बात करते थे, वो भी आज एक वायरस के आगे बेबस नजर आ रहे है। अब इस महामारी की वैक्सीन बनाने में दुनिया लगी हुई है। फिलहाल ऑक्सफ़ोर्ड यूनिवर्सिटी की वैक्सीन के अच्छे परिणामों ने इसका इंतजार कर रहे लोगों में उम्मीद जगाई है।

इसी बीच कोरोना वैक्सीन को लेकर राहत भरी खबर आई है। भारत में कोरोना की दवा बनकर तैयार हो गई है। ख़ास बात तो ये है कि ये दवा बहुत सस्ती है। ड्रग्स कंट्रोलर ऑफ इंडिया से इस दवा को बाजार में लाने की अनुमति भी मिल गई है। ब्रिन्टन फार्मास्यूटिकल्स नाम की कंपनी ने कोरोना की ये दवा तैयार की है।

'फैवीटॉन' नाम की इस दवा को लेकर कंपनी ने दावा किया है कि ये एक एंटीवायरल ड्रग है जो कोरोना वायरस से लड़ने में कोरोना मरीजों की मदद करेगी।  इस दवा को फैवीपिरावीर के नाम से भी बाजार में बेचा जाता है। बाजार में ये बहुत ही सस्ते दामों में मिलेगी।

59 रुपए में मिलेगी दवा

ब्रिन्टन फार्मा ने कहा है कि फैवीटॉन 200 मिलीग्राम की टैबलेट में आएगी। एक टैबलेट की कीमत 59 रुपए होगी। यह कीमत मैक्सिमम रिटेल प्राइज होगी। इससे ज्यादा दामों में ये दवा नहीं बेची जाएगी। कंपनी के सीएमडी राहुल कुमार दर्डा ने बताया कि हम चाहते हैं कि ये दवा देश के हर कोरोना मरीज को मिले। हम इसे हर कोविड सेंटर पर पहुंचाएंगे।

कंपनी ने कहा है कि इस समय फैवीपिरावीर दवा की जरूरत सबको है। ये दवा उन मरीजों के लिए बेहतरीन है जिन्हें कोरोना का हल्का या मध्यम दर्जे का संक्रमण है। दवा की कीमत भी कम है और फिक्स भी है, ऐसे में किसी को भी इस दवा को लेने में परेशानी नहीं आएगी।

भारत में फैवीपिरावीर को डीसीजीआई ने कोरोना वायरस की आपातकालीन स्थिति को देखते हुए जून में अप्रूवल दिया था। अब इसे बाजार में लाने की अनुमति मिल चुकी है। ब्रिन्टन फार्मा जापान की फूजीफिल्म तॉयोमा केमिकल कंपनी के साथ एवीगन नामक दवा बना रही है। यह दवा फैवीटॉन का जेनेरिक वर्जन है।

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