'यूपी पुलिस के हवाले मत करना', उज्जैन पुलिस के सामने गिड़गिड़ाने लगा था विकास दुबे



विकास दुबे के एनकाउंटर में मारे जाने के बाद भी पुलिस की जांच ख़त्म नहीं हुई है। विकास दुबे के बाद पुलिस को बिकरू हत्याकांड में शामिल और भी बदमाशों की तलाश है। इन बदमाशों की तलाश में पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है। इसके अलावा पुलिस विकास दुबे की संपत्ति की छानबीन कर रही है। इसी बीच विकास दुबे को लेकर एक बड़ा खुलासा हुआ है।


विकास दुबे को यूपी पुलिस को सौंपने वाले मध्यप्रदेश पुलिस के एक जवान ने कई खुलासे किए है। पुलिसकर्मी ने बताया कि यूपी पुलिस को सौंपने से पहले विकास दुबे रास्ते में गिड़गिड़ा रहा था और कह रहा था कि मुझे यूपी पुलिस के हवाले मत करो। मुझे एमपी में ही जेल में बंद कर दिया जाए।


गौरतलब है कि विकास दुबे के पकड़े जाने से पहले उसके पांच साथियों का यूपी पुलिस एनकाउंटर कर चुकी थी। ऐसे में कहा जा रहा है कि शायद विकास दुबे को अपने एनकाउंटर का डर था। वह उज्जैन में पुलिस के सामने सरेंडर करते हुए वह चिल्ला रहा है- 'मैं विकास दुबे हूं कानपुर वाला'। ऐसा कहकर उसने जताने की कोशिश की थी कि वह खुदको ज़िंदा पुलिस के हवाले कर रहा है।


गुरूवार को विकास दुबे ने उज्जैन के महाकाल मंदिर में पुलिस के सामने सरेंडर कर दिया था, जिसके बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर यूपी पुलिस को सौंप दिया था। हालांकि जब STF उसे उज्जैन से कानपुर ले जा रही थी तब कानपुर की सीमा में घुसते ही वह गाड़ी दुर्घटना का शिकार हो गई जिसमें विकास दुबे बैठा था।


गाड़ी के दुर्घटनाग्रस्त होने के बाद विकास ने पुलिस के हथियार छिनकर भागने की कोशिश की और पुलिस पर फायरिंग की। जवाबी फायरिंग में पुलिस ने विकास दुबे को मार गिराया। इस एनकाउंटर के बाद पुलिस पर कई तरह के सवाल उठ रहे है।

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