मच्छरों के काटने से भी फ़ैल रहा कोरोना! वैज्ञानिकों ने किया खुलासा



दुनियाभर में फैली महामारी को लेकर कई शोध किए जा रहे है और इस पर तरह-तरह की जानकारियां सामने आ रही हैं। इसकी वैक्सीन बनाने के लिए भी दुनियाभर में कोशिश जारी है लेकिन अभी तक सफलता नहीं मिल पाई। हालांकि ऑक्सफ़ोर्ड यूनिवर्सिटी की कोरोना वैक्सीन के ह्यूमन ट्रायल के बेहतरीन नतीजे आमने आए है। इसके बाद वैक्सीन का इंतजार कर रहे लोगों में आशा की नई किरण जागी है।

हालांकि कोरोना को लेकर एक नई जानकारी सामने आई है। दरअसल, बारिश में मौसम में मच्छरों के काटने से मलेरिया और डेंगू जैसी बीमारियों का ख़तरा बढ़ जाता है। ऐसे में लोगों के मन में इस बात का भी डर था कि क्या मच्छरों के काटने से कोरोना संक्रमण फैलने का भी ख़तरा है।

वैज्ञानिकों ने पहली बार इस बात की पुष्टि की है कि कोविड-19 महामारी पैदा करने वाला कोरोना वायरस मच्छरों के माध्यम से नहीं फैल सकता। साइंटिफिक रिपोर्ट्स शोध पत्रिका में प्रकाशित अध्ययन में पहली बार प्रायोगिक तौर पर एकत्रित आंकड़े प्रस्तुत किए गए। इनसे मच्छरों द्वारा कोरोना वायरस के फैलने की क्षमता की जांच की जा सकती है।

अमेरिका के कंसास स्टेट विश्वविद्यालय के अनुसंधानकर्ता और शोध पत्र के सह लेखक स्टीफेन हिग्स ने कहा, 'विश्व स्वास्थ्य संगठन ने पक्के तौर पर कहा है कि मच्छरों से वायरस नहीं फैल सकता। हमने जो अध्ययन किया है उसमें इस दावे को पुष्ट करने के लिए पहली बार प्रामाणिक तौर पर आंकड़े प्रस्तुत किए गए हैं।'

अध्ययन के अनुसार वायरस मच्छरों की तीन आम प्रजातियां प्रजनन करने में असमर्थ हैं इसलिए यह वायरस मच्छरों से मनुष्यों तक नहीं पहुंच सकता। वैज्ञानिकों के अनुसार यदि किसी कोरोना संक्रमित व्यक्ति को मच्छर काट ले तब भी व्यक्ति के रक्त में मौजूद कोरोना वायरस मच्छर के अंदर ज़िंदा नहीं रह सकता है।

वैक्सीन के लिए जागी उम्मीद की किरण


ऑक्सफोर्ड युनिवर्सिटी की कोरोना वैक्सीन के ह्यूमन ट्रायल के बेहतरीन नतीजे आमने आए है। इसके अलावा अमेरिका फार्मा कंपनी मॉडर्ना के भी सीमित ह्यूमन ट्रायल के नतीजे सकारात्मक आए है, जिसपर राष्ट्रपति दोनाल्स ट्रंप ने भी ख़ुशी जाहिर की थी। इन सकारात्मक नतीजों के बाद अब दुनियाभर में कोरोना वैक्सीन का बेसब्री से इन्तजार कर रहे लोगों के मन में उम्मीद जागी है।

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