बॉर्डर पर उलझा रहा चीन, उधर देश में आ गई बड़ी आफत, खतरे में करोड़ों लोगों की जान



दुनिया को कोरोना में उलझाकर पड़ोसी देशों की जमीन पर कब्जा करने की कोशिश कर रहे चीन के लिए एक और बुरी खबर आई है। कोरोना को लेकर दुनियाभर में घिरे चीन में एक और जानलेवा बीमारी पनप रही है। ये जानलेवा बीमारी पहले भी दुनिया में तबाही मचा चुकी है और अब एक बार फिर चीन में पनप रही है।

'ब्यूबोनिक प्लेग' नाम की ये जानलेवा बीमारी का एक मामला उत्तरी चीन के एक अस्पताल में सामने आया है। मामला सामने आने के बाद वहां अलर्ट जारी कर दिया गया है। चीन के आंतरिक मंगोलियाई स्वायत्त क्षेत्र, बयन्नुर में प्लेग की रोकथाम और नियंत्रण के लिए तीसरे स्तर की चेतावनी जारी की गई है।


दरअसल, जानलेवा बीमारी ब्यूबोनिक प्लेग का मामला शनिवार को बयन्नुर के एक अस्पताल में सामने आया है। ब्यूबोनिक प्लेग के मामले से चीन में हडकंप मच गया है। स्थानीय स्वास्थ्य विभाग ने लोगों को सतर्क रहने की चेतावनी जारी कर दी है। ये चेतावनी 2020 के आखिर तक के लिए जारी की गई है।

ये जानलेवा बीमारी जंगली चूहों में पाए जाने वाली बैक्टीरिया से होती है। यह बैक्टीरिया शरीर के लिंफ नोड्स, खून और फेफड़ों पर हमला करता है। इससे उंगलियां काली पड़कर सड़ने लगती है और नाक के साथ भी ऐसा ही होता है। इसके अलावा इस बीमारी से  शरीर में असहनीय दर्द, तेज बुखार होता है। नाड़ी तेज चलने लगती है। दो-तीन दिन में गिल्टियां निकलने लगती हैं। 14 दिन में ये गिल्टियां पक जाती हैं. इसके बाद शरीर में जो दर्द होता है वो अंतहीन होता है।


2010 से 2015 के बीच ब्यूबोनिक प्लेग के करीब 3200 से ज्यादा मामले सामने आ चुके है और 584 लोगों की मौत हो गई है। इससे पहले 1970 से लेकर 1980 तक इस बीमारी को चीन, भारत, रूस, अफ्रीका, लैटिन अमेरिका और दक्षिण अमेरिकी देशों में पाया गया है।

ब्यूबोनिक प्लेग का दूसरा हमला दुनिया पर 1347 में हुआ था, तब इस बीमारी को 'काली मौत' नाम दिया गया था। तीसरा हमला 1894 के आसपास हुआ था। पहली बार इस बीमारी ने 5 करोड़, दूसरी बार पूरे यूरो की एक तिहाई आबादी और तीसरी बार 80 हजार लोगों की जान ली थी।



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