कोरोना पर एक और भयावह जानकारी आई सामने, ये लक्षण भी बना रहा शिकार
पूरी दुनिया को अपनी जद में ले चुकी कोरोना महामारी से करोड़ों लोग संक्रमित हो गए है। वहीं, हजारों लोग इसके चलते अपनी जान गंवा चुके है। हर देश कोरोना वैक्सीन बनाने और इस महामारी पर शोध में लगा हुआ है लेकिन वैक्सीन बनाने में अभी तक किसी को सफलता नहीं मिल पाई है। शोध में कोरोना को लेकर कई दावे किए जा रहे है और इसके नए-नए लक्षण भी सामने आ रहे है।
हाल ही में ब्रिटेन के मेडिकल साइंटिस्ट्स ने कोरोना वायरस के एक नए लक्षण की जानकारी दी है।वैज्ञानिकों का कहना है कि स्किन रैशेज होना भी कोरोना का एक लक्षण हो सकता है। कोरोना के लक्षण को लेकर की गई एक स्टडी में पाया गया है कि हर 11 में से एक कोरोना मरीज की स्किन पर रैशेज मौजूद होते हैं।
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रिसर्च की प्रमुख डॉ. मारियो फाल्ची कहती हैं कि कोरोना के मरीजों में कई हफ्ते तक स्किन रैश की समस्या रहती है। लंदन के साइंटिस्ट्स ने 20 हजार लोगों पर स्टडी की। इन लोगों में वो लोग शामिल थे जो कोरोना पॉजिटिव पाए गए थे या कोरोना संक्रमण को लेकर काफी संदिग्ध माने जा रहे थे।
इतना ही नहीं स्टडी में पाया गया कि ब्रिटेन में कोरोना के 9 फीसदी मरीजों में स्किन रैशेज देखने को मिल रहे हैं, जबकि 8 फीसदी लोगों में कोरोना के अन्य लक्षण के साथ-साथ स्किन रैशेज भी मिले। वैज्ञानिकों ने नेशनल हेल्थ सर्विस से अपील की है कि वे कोरोना के आधिकारिक लक्षणों की सूची में इसे भी शामिल करें।
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फिलहाल तीन ही लक्षण है शामिल
ब्रिटेन की नेशनल हेल्थ सर्विस की आधिकारिक सूची में फ़िलहाल कोरोना के सिर्फ तीन लक्षण शामिल है। इन लक्षणों में फीवर, लगातार कफ और गंध व स्वाद पहचानने की शक्ति में कमी।
भारत के स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय की वेबसाइट पर कोरोना के लक्षणों में बुखार, थकान और सूखा कफ की जानकारी दी गई है। इसके साथ कुछ मरीजों में सांस लेने की तकलीफ, शरीर में दर्द, नाक जमा होने, नाक बहने, गला खराब होने और डायरिया के लक्षण मिलने की बात भी कही गई है।
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अमेरिका को मिली पहली सफलता
कोरोना वैक्सीन बनाने में जुटे तमाम देशों में अमेरिका को सफतला मिलती दिखाई दे रही है। अमेरिका की कंपनी मॉडर्ना इंक की वैक्सीन mRNA-1273 अपने पहले ट्रायल में पूरी तरह से सफल रही है। इस सफलता पर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ट्वीट कर ख़ुशी जताई है। ट्वीट में उन्होंने लिखा कि 'वैक्सीन पर बहुत अच्छी खबर।'
हालांकि डोनाल्ड ट्रंप ने इससे ज्यादा जानकारी नहीं दी लेकिन इस ट्वीट के बाद अंदाजा लगाया जा रहा है कि ट्रंप की यह ख़ुशी मॉडर्ना की कामयाबी के लिए ही है। Moderna Inc के पहले टेस्ट में 45 ऐसे लोगों को शामिल किया गया था जो स्वस्थ थे और उनकी उम्र 18 से 55 साल के बीच थी और इसके परिणाम सफल रहे।

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