LAC से बड़ी खबर, पीएम मोदी के दौरे से डरा चीन, उठाना पड़ा ये कदम
लद्दाख: लद्दाख में भारत-चीन सीमा पर चल रहे तनाव के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लेह दौरे के बाद लाइन ऑफ़ एक्चुअल कंट्रोल से बड़ी खबर सामने आ रही है। दरअसल, 15 जून को LAC पर जिस जगह भारतीय और चीनी सैनिकों के बीच झड़प हुई थी, वहां से चीनी सेना करीब एक किलोमीटर पीछे हट गई है।
गौरतलब है कि सीमा पर बढ़े तनाव को कम करने के लिए दोनों देशों के बीच बातचीत जारी थी और सैनिकों को पीछे हटाने को लेकर मंथन चल रहा था। सूत्रों की मानें तो दोनों देशों की सेना ने रिलोकेशन पर सहमति जाहिर की है और सेनाएं मौजूदा जगह से पीछे हटी हैं।
गलवान घाटी के पास अब बफर जोन बनाया गया है, ताकि किसी तरह की हिंसा की घटना फिर ना हो पाए। भारत और चीन के बीच मई से ही तनाव की स्थिति बनी हुई थी लेकिन 15 जून को गलवान घाटी में दोनों सेनाओं के बीच हिंसक झड़प के बाद ये तनाव और बढ़ गया। इस हिंसक झड़प में भारत के 20 जवान शहीद हो गए थे।
20 जवानों की शाहदत के बाद सरकार ने भी सख्त रूप अपना लिया और चीन को आर्थिक मोर्चे पर कई झटके लगे। बढ़ते तनाव के बीच LAC पर चीन की हलचल देखते हुए भारत ने भी लद्दाख में सेना को अलर्ट कर दिया। वायुसेना ने किसी भी तरह की स्थिति से निपटने के लिए अपने फाइटर प्लेन लद्दाख में तैनात कर दिए। साथ ही चीन की हिमाकत का करारा जवाब देने के लिए एयर मिसाइल सिस्टम भी सीमा पर तैनात कर दिया गया। हालांकि इस दौरान भारत ने चीन से बातचीत का रास्ता खुला रखा था।
इधर, चीन के सामने दीवार बनकर खड़े जवानों का हौंसला बढ़ाने और चीन को चुनौती देने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी अचानक शुक्रवार को लेह पहुंच गए। एम मोदी नीमू पोस्ट पर पहुंचे थे, जो लद्दाख बॉर्डर से कुछ दूर था। पीएम मोदी ने यहां अपने संबोधन में चीन को बिना नाम लिए चेतावनी दे डाली थी कि अब विस्तारवाद का वक्त चला गया है और विकासवाद का वक्त आ गया है। इसी बयान के बाद चीन बौखला गया था।

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