खामोश हो गया दंगल का उस्ताद...


सुरभि भावसार

बेबाक पत्रकार, एंकर, अपने काम के प्रति हमेशा तत्पर रहने वाले, हर बात का हाजिर जवाब देने वाले रोहित सरदाना को अब कभी आप नहीं सुन पाएंगे। हर शाम पांच बजे आजतक पर दंगल तो होगा लेकिन सीधे और तीखे सवाल करने वाले रोहित सरदाना नहीं दिखाई देंगे, क्योकि दंगल का उस्ताद खामोश हो गया है। इस दंगल को तो उन्होंने बहुत पहचान दिलाई, लेकिन वह जिंदगी के इस दंगल में हार गए।

रोहित सरदाना का जाना मीडिया जगत के लिए भी बड़ी क्षति है। उनकी दो छोटी-छोटी बेटियां अब किसे प्यार करेंगी। उनकी एक बेटी तो इतनी छोटी है, शायद वह जानती भी नहीं होगी कि, उसके पापा कहां हैं। अपनी बेटियों के साथ अक्सर वह सोशल मीडिया पर तस्वीरें शेयर करते रहते थे।

रोहित सरदाना का एक वीडियो मुझे याद आ रहा है, जिसमें वह कह रहे थे कि, 'बहुत से लोग लॉकडाउन में अपने परिवार के साथ समय बिताते हुए तस्वीरें पोस्ट कर रहे हैं। हमारा भी मन होता है अपने परिवार के साथ बैठे, मस्ती करें, चाय चाय पिए लेकिन हमारा एक परिवार पर्दे के उस पार भी है। हम काम पर हैं ताकि आप घर पर सुरक्षित रहें।' हमें सुरक्षित रखने के लिए आप काम पर रहे सर, लेकिन अफ़सोस... इस कोरोना ने आपको भी नहीं छोड़ा.. 😞😞

विनम्र श्रद्धांजलि सर...💐💐😔😔

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