दुनिया पर मंडरा रहा विश्व युद्ध का ख़तरा, एक महीने में छिड़ सकती है जंग



नई दिल्ली:
दुनिया में तीसरे विश्व युद्ध का ख़तरा मंडराने लगा है। रूस-युक्रेन सीमा पर बढ़ते तनाव के चलते विश्व युद्ध की आशंका हग्रा गई है। जानकारों का कहना है कि, यदि हालात नहीं सुधरे को एक महीने के अंदर विश्व युद्ध छिड़ सकता है। रूस ने हाल ही में विवादित सीमा पर अपने चार हजार सैनिकों को भेजा है। रुसी सेना के इस बड़े मूवमेंट से यूरोप हाई अलर्ट पर है। दोनों देशों में चल रहा तनाव कम नहीं हुआ, तो दुनिया को कोरोना संकट के बीच विश्व युद्ध का सामना करना पड़ सकता है।

WION में छपी खबर के अनुसार, स्वतंत्र रूसी सैन्य विश्लेषक पावेल फेलगेनहर का कहना है कि जिस तरह के हालात हैं उसे देखते हुए यह कहना गलत नहीं होगा कि अगले कुछ हफ्तों में यूरोपीय या विश्व युद्ध जैसा बड़ा खतरा सामने आने वाला है। उन्होंने आगे कहा, ‘खतरा बढ़ रहा है और तेजी से बढ़ रहा है। मीडिया में भले ही इस बारे में ज्यादा बात न हो, लेकिन हमें बेहद बुरे संकेत दिखाई दे रहे हैं।

पावेल फेलगेनहर ने कहा कि यह विवाद केवल दो देशों तक ही सीमित नहीं रहेगा। इसमें यूरोपीय या विश्व स्तर पर युद्ध का रूप लेने की भी क्षमता है। फेलगेनहर का यह बयान रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के उस आदेश के बाद आया है, जिसके तहत उन्होंने टैंक और अन्य बख्तरबंद वाहनों के साथ चार हजार रूसी सैनिकों को विवादित सीमा पर भेजा है।

पिछले हफ्ते यूक्रेन के कमांडर-इन-चीफ रुसलान खोमच ने संसद में कहा था कि रूसी संघ हमारे देश के प्रति आक्रामक नीति जारी रखे हुए है। रूस ने कम से कम अतिरिक्त 25 टेक्टिक ग्रुप को बॉर्डर एरिया में तैनात किया है। ये सभी यूक्रेन की सीमा पर पहले से तैनात रूसी सैनिकों के अलावा हैं। वहीं, रूस का कहना है कि उसकी सेना के मूवमेंट से किसी को घबराने की जरूरत नहीं है। वो कोई युद्ध की तैयारी नहीं कर रहा है।

रूस और यूक्रेन के बीच यदि युद्ध होता है, तो उसके विश्व युद्ध में बदलने के कई कारण हैं। सबसे पहला तो यही कि रूस और अमेरिका धुर विरोधी हैं और यूक्रेन अमेरिका का करीबी। यदि रूस यूक्रेन को नुकसान पहुंचाता है, तो अमेरिका उसका साथ देगा और इस तरह अन्य देश भी उनसे जुड़ते जाएंगे।


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