कोरोना-ब्लैक फंगस के बाद नई बीमारी का बढ़ रहा ख़तरा, बच्चों को बना रही शिकार

 



नई दिल्ली:
देश में इस समय कोरोना के साथ ही ब्लैक-व्हाईट और येलो फंगस का ख़तरा बढ़ रहा है। कोरोना की दूसरी लहर का प्रकोप कम होनेके साथ ही तीसरी लहर की आहट दिखने लगी है। तीसरी लहर ने चिंता इसलिए बढ़ा दी है क्योकि डॉक्टर्स ने इसका सबसे ज्यादा असर बच्चों पर बताया है। इसी बीच एक और नई बीमारी देश में पैर पसार रही है। सबसे ज्यादा चिंता की बात ये है कि ये बीमारी बच्चों के लिए जानलेवा साबित हो रही है।

कोविड से ठीक होने के बाद बच्चों में ‘मल्टी-सिस्टम इन्फ्लैमेटरी सिंड्रोम’ (MIS-C) नई चिंता का सबब बनकर उभरा है। इस सिंड्रोम में बच्चों के कई अंग प्रभावित होते हैं। COVID-19 से संक्रमित होने के कुछ हफ्तों बाद ये बीमारी बच्चों को अपना शिकार बना रही है।  कोरोना की दूसरी लहर में दो बच्चों में ये बीमारी देखने को मिली है। अब तक 5 बच्चों में ये बीमारी सामने आ चुकी है।

 फोर्टिस हेल्थकेयर में बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. योगेश कुमार गुप्ता का कहना है, ‘मैं नहीं कह सकता कि MIS-C खतरनाक है या इससे जीवन को खतरा है लेकिन निश्चित रूप से कई बार यह संक्रमण बच्चों को बुरी तरह से प्रभावित करता है। यह बच्चों के हृदय, लिवर और गुर्दे को बुरी तरह से प्रभावित कर सकता है।

डॉ गुप्ता के ने कहा कि अन्य देशों में कोविड-19 के पीक पर होने के बाद एमआईएस-सी का Documentation किया गया है। पिछले साल ऐसे तीन मामले आए थे और दूसरी लहर के बाद दो मामले आ चुके हैं। उन्होंने आशंका जताई कि एमआईएस-सी के मामले और बढ़ सकते हैं।

विशेषज्ञों की मानें तो बच्चों में मल्टी-सिस्टम इन्फ्लैमेटरी सिंड्रोम रेयर है। विशेषज्ञ मानते हैं कि भले ही ये एक छोटा पर्सेंटेज है, लेकिन इसकी गहन जांच की जरूरत है। अगली लहर से पहले इसके बारे में स्पष्ट समझ होना जरूरत है।








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