फेल हुई बीजेपी की ट्रिक, ममता ने लगाई हैट्रिक, जाने कौन से मुद्दे पड़े भारी
कोलकाता: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में ममता बनर्जी की पार्टी टीएमसी ने एक बार फिर प्रचंड जीत हासिल की है। टीएमसी ने 200 से ज्यादा सीटें जीतकर सत्ता में वापसी कर ली है। तमाम हथकंडे, प्रचंड प्रचार और अपने सभी धुरंधरों को मैदान में उतारने के बाद भी भाजपा दीदी को मात नहीं दे पाई। दीदी ने भाजपा के सभी व्यूह को भेदकर जीत की हैट्रिक लगा ली। यहां जानते हैं, आखिर क्या है दीदी की जीत के मायने-
ममता की विश्वसनीयता बरकरार
पश्चिम बंगाल की 292 में से 213 सीटों पर टीएमसी ने कब्जा कर लिया है। ममता बनर्जी को 2016 से भी बड़ी जीत मिली है। ऐसे में राजनीति के जानकारों का कहना है कि, एग्जिट पोल भले ही किसी भी दल को चाहे जितनी सीटें दे रहा था लेकिन किसी ने भी ममता की लोकप्रियता को कम नहीं बताया।
बंगाली बनाम बाहरी का मुद्दा
बंगाल के चुनाव में इसबार बंगाली बनाम बाहरी का मुद्दा भी असरदार रहा। टीएमसी ने पीएम मोदी और बीजेपी के अन्य स्टार प्रचारकों को टूरिस्ट गैंग बताया। टीएमसी ने इस चुनाव को बंगाल की बेटी बनाम अन्य बनाने की पूरी कोशिश की जो सफल रही।
व्हीलचेयर पर प्रचार
ममता बनर्जी को जब नंदीग्राम में चोट लगी, तो वह पैर में प्लास्टर लगवा व्हीलचेयर पर प्रचार करने निकल पड़ीं। सीएम ममता बनर्जी ने व्हीलचेयर पर कई जनसभाओं को संबोधित किया और रोड शो किया। ममता बनर्जी का सहानुभूति कार्ड चल गया।
बीजेपी का आक्रामक प्रचार
बीजेपी ने चुनाव में आक्रामक प्रचार किया। बीजेपी के स्टार प्रचारकों ने सीएम ममता बनर्जी पर हमला बोला जो बेअसर साबित हुआ। बीजेपी के नेताओं के हमलों का भी ममता बनर्जी को लाभ हुआ। टीएमसी की प्रचंड जीत के मायने ये भी हैं कि बीजेपी का आक्रामक प्रचार बेअसर रहा।
ममता का सॉफ्ट हिंदुत्व कार्ड
ममता बनर्जी पर तुष्टिकरण के आरोप लगाते हुए बीजेपी ने जमकर हमला बोला.।तुष्टिकरण, जय श्रीराम के नारे को लेकर पनप रही नाराजगी को देखकर ममता बनर्जी ने सॉफ्ट हिंदुत्व की राह पकड़ ली। ममता ने मंच से चंडी पाठ भी किया और नामांकन से पूर्व मंदिर-मंदिर भी गईं। टीएमसी की जीत से साफ है कि ममता को इसका लाभ मिला।

Comments
Post a Comment