वेंटिलेटर पर पिता, डॉक्टर्स ने खड़े किए हाथ, अब भगवान भरोसे बेटा लगा रहा परिक्रमा

 


ग्वालियर:
कोरोना की दूसरी लहर कहर बनकर टूट रही है। इस महामारी ने कई परिवार तबाह कर दिए है। हर कोई यही प्रार्थना कर रहा है कि, जल्द से जल्द इस बीमारी से मुक्ति मिले। वो कहते हैं न कि, दवा के साथ दुआ भी जरुरी है, ऐसे में अब लोग मेडिकल इलाज के साथ पूजा-पाठ में भी ज्यादा विश्वास कर रहे हैं। मध्यप्रदेश के ग्वालियर से ऐसा ही मामला सामने आया है, जहां अपने कोरोना संक्रमित पिता के लिए बेटा परिक्रमा लगा रहा है।

दरअसल, यह किस्सा ग्वालियर के एक निजी अस्पताल का है। यहां भिंड निवासी रामकुमार शर्मा (51 साल) पेशे से हार्डवेयर व्यापारी हैं। उनका बेटा शिवम, पिता के फेफड़े 75 फीसदी संक्रमित होने पर इलाज के लिए 15 दिन पहले ग्वालियर के जनक हॉस्पिटल लेकर आया था। पिता के इलाज के लिए बेटे ने लाक्खों रूपये खर्च कर दिए।

महंगे दामों में रेमडेसिविर इंजेक्शन ख़रीदे, डॉक्टर्स को मुंहमांगी फेस दी। पिता को स्वस्थ करने के लिए बेटे ने हर संभव प्रयास किए लेकिन हालत में कोई सुधार नहीं हो रहा है। तीन दिन पहले डॉक्टर ने भी हाथ खड़े कर दिए।डॉक्टर वेंटिलेटर से ऑक्सीजन दे रहे हैं। डॉक्टर ने कह दिया है कि, संक्रमण बहुत फ़ैल चुका है, फेफड़े काम नहीं कर रहे हैं। अब हमारे हाथ में कुछ भी नहीं है, भगवान ही बचा सकते हैं।  

 जब डॉक्टर्स ने भी हाथ खड़े दिए, तो पिता की हालत देख शिवम और उसके  एक रिश्तेदार ने जनक हॉस्पिटल से अचलेश्वर महादेव मंदिर तक करीब 3 किलोमीटर दंडवत परिक्रमा शुरू की। वे तीन दिन से लगातार इसी तरह से परिक्रमा कर रहे हैं। अब शिवम, अचलेश्वर महादेव की शरण में है। शिवम का कहना है कि भगवान अचलेश्वर महादेव ही मेरे पिता की रक्षा कर सकते हैं। अब मंदिर के पंडित, पुजारियों और श्रद्धालु को भरोसा है कि भगवान अचलेश्वर हर बिगड़े काम को बनाते हैं। निश्चित ही सब अच्छा होगा।

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